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Poet -पियुष राज

P04 मेरी माँ

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मेरे गुरु-Mere Guru

Teacher’s day Hindi Poem By Poet Piyush Raj


मेरे गुरु
हाथ पकड़कर जिसने

मुझे पढ़ना-लिखना सिखाया

भाषा-अक्षर का बोध

जिसने मुझे कराया

दुनिया के साथ कदम मिलाकर

जिसने चलना सिखाया

जिसने की मेरी जिन्दगी शुरू

वो है मेरे आदरणीय गुरु
खेल-खेल में हमे पढ़ाते

अच्छी-अच्छी बातें बताते

मेरे हर सवाल का

तुरंत जवाब बताते

मेरी हर उलझन को

वे तुरंत सुलझाते

जब करता हूँ कोई गलती

तो मुझे प्यार से समझाते

कभी-कभी तो वे

मुझे डांट भी लगाते
जब अपनी असफलता पर

हो जाता हूँ निराश

तब एक दोस्त बनकर

मेरा हौसला बढ़ाते

दुनिया में आगे बढ़ाने को 

हमेशा कुछ नया सिखाते

प्रेरक कथाएँ सुनाकर

मेरा आत्मबल बढ़ाते
आज में जो कुछ हूँ 

बस उनका है हाथ

इसी तरह बना रहे मुझपर

मेरे गुरु का आशीर्वाद
पियुष राज,दुधानी,दुमका।

5th september teachers day poem in hindi / sikshak diwas kavita

हाय ! रे ‘जियो’ Hay Re Jio

​Hindi Poem on Reliance Jio 4G by Poet Piyush Raj

हाय ! रे ‘जियो
हाय रे जियो

ये क्या कियो

जब खेल के महाकुम्भ में

डूबा था पूरा रियो

उस समय हमारे देश में

सब ढूंढ रहे थे जियो
हमारे देश की बेटियां

जब खेल रही थी रियो में

तब हमारे देश के बेटे

डूबे हुए थे जियो में
मुफ़्त डेटा पाने का

सब को चढ़ा बुखार

काम-काज सब छोड़ के

करने लगे जुगाड़
नेट की दीवानगी सब पे

कुछ इस कदर है सवार

निगाहें रहती है फोन में तब भी

जब करते है सड़क पार
जियो ने भारतवासी को

डेटा का लड्डु खिला दिया

बाकी टेलीकॉम कंपनियो को

जड़ से पूरा हिला दिया

सस्ते प्लान लाकर

हर ग्राहकों को लुभा लिया

जो नही कर सका कोई

अंबानी ने करके दिखा दिया
जियो के आगे भी

अभी बहुत है कहानी

काम करो कुछ ऐसा कि

तुम भी बन जाओ अंबानी
©पियुष राज,दुधानी, दुमका ।

(Poem. No-30) 03/09/2016

Tags: hindi poem on jio 4g,jio par kavita,relience jio poem in hindi,poet piyush raj,hey re jio kavita,jokes in jio in hindi

सुन लो पाकिस्तान….(Sun lo Pakistan)

​सुन लो पाकिस्तान....by Poet Piyush Raj
एक के बाद एक हमला कर

लहू बहाया तूने

भारत माँ के लाल का

भारत देगा जवाब अब

तेरे हर चाल का

पाकिस्तान कान खोलकर सुन ले

और नहीं करेंगे बर्दाश्त

अब समय आ गया है तेरे काल का


आतंकवाद को पाल-पोष कर

तुम बढ़ा रहे शैतानो को

भारत नहीं बक्शेगा अब

तेरे उन हैवानो को


उड़ी में हमला कर तूने

ले लिया हमारे सैनिकों की जान

तेरी इस हैवानियत को

नहीं भूलेगा पूरा हिन्दुस्तान


हरेक भारतवासी के दिल में

सुलग रही बदले की चिंगारी

चाहे वे हो बच्चा,बूढ़ा या नारी

पाकिस्तान से बदला लेने की

सब कर रहे है तैयारी


अब एक ही आवाज है

सवा सौ करोड़ आबादी का

अब समय आ गया है

पाकिस्तान की बर्बादी का


अब उसके नापाक करतूतो को

नहीँ करेंगे माफ़

अब तो हम सीधे करेंगे

पाकिस्तान को साफ


उसने अभी जाना नहीं है

क्या चीज़ है ये खाकी

पाकिस्तान कान खोलकर सुन ले

सर्जिकल स्ट्राइक तो

 बस एक ट्रेलर था

अभी पूरी फ़िल्म है बाकी
© पियुष राज,दुधानी, दुमका,झारखंड ।

(Poem.No-32} 29/09/2016

Tags: poem on pakistan and hindustan,hindi poem on udi attack,poem against pakistan,funny poem on pakistan,patrotic poem,sergical strick poem,surgical strike par kavita,poet piyush raj poem

हाय ! रे ‘जियो’ Hay Re Jio

​Hindi Poem On Jio 4G by Poet Piyush Raj

हाय ! रे ‘जियो’
हाय रे जियो

ये क्या कियो

जब खेल के महाकुम्भ में

डूबा था पूरा रियो

उस समय हमारे देश में

सब ढूंढ रहे थे जियो
हमारे देश की बेटियां

जब खेल रही थी रियो में

तब हमारे देश के बेटे

डूबे हुए थे जियो में
मुफ़्त डेटा पाने का

सब को चढ़ा बुखार

काम-काज सब छोड़ के

करने लगे जुगाड़
नेट की दीवानगी सब पे

कुछ इस कदर है सवार

निगाहें रहती है फोन में तब भी

जब करते है सड़क पार
जियो ने भारतवासी को

डेटा का लड्डु खिला दिया

बाकी टेलीकॉम कंपनियो को

जड़ से पूरा हिला दिया

सस्ते प्लान लाकर

हर ग्राहकों को लुभा लिया

जो नही कर सका कोई

अंबानी ने करके दिखा दिया
जियो के आगे भी

अभी बहुत है कहानी

काम करो कुछ ऐसा कि

तुम भी बन जाओ अंबानी
©पियुष राज,दुधानी, दुमका ।

(Poem. No-30) 03/09/2016

Tags: hindi poem on jio ,jio par hindi kavita,poet piyush raj blog,jio 4g jokes poem in hindi

मेरे गुरु-Mere Guru

Teacher Day Hindi Poem by Poet Piyush Raj


मेरे गुरु
हाथ पकड़कर जिसने

मुझे पढ़ना-लिखना सिखाया

भाषा-अक्षर का बोध

जिसने मुझे कराया

दुनिया के साथ कदम मिलाकर

जिसने चलना सिखाया

जिसने की मेरी जिन्दगी शुरू

वो है मेरे आदरणीय गुरु
खेल-खेल में हमे पढ़ाते

अच्छी-अच्छी बातें बताते

मेरे हर सवाल का

तुरंत जवाब बताते

मेरी हर उलझन को

वे तुरंत सुलझाते

जब करता हूँ कोई गलती

तो मुझे प्यार से समझाते

कभी-कभी तो वे

मुझे डांट भी लगाते
जब अपनी असफलता पर

हो जाता हूँ निराश

तब एक दोस्त बनकर

मेरा हौसला बढ़ाते

दुनिया में आगे बढ़ाने को 

हमेशा कुछ नया सिखाते

प्रेरक कथाएँ सुनाकर

मेरा आत्मबल बढ़ाते
आज में जो कुछ हूँ 

बस उनका है हाथ

इसी तरह बना रहे मुझपर

मेरे गुरु का आशीर्वाद
पियुष राज,दुधानी,दुमका ।

5th september teacher Day poem in hindi / sikshak diwas kavita in hindi

ये कैसी आजादी है

15th August poem/Independence day poem

ये कैसी आजादी है

मिल गई आजादी हमको
पर ये कैसी आजादी है
चारों तरफ है भ्रष्टाचार
हर जगह महंगाई है

आज भी आजाद नहीं हैं
हमारे देश की नारियाँ
जन्म लेते ही मार देते है
अगर होती है बेटियॉ
हो रहा है पतन समाज का
बन रहे सब हैवान है
सुरक्षित नहीं है बेटियॉ
बढ़ रहे शैतान है
फिर ये कैसी आजादी है

नेता जी के खेल निराले
चुनाव से पहले घर पधारे
जीतने के लिए
पैर तक झुक जाते है
जीतने के बाद
सारे वादे भूल जाते है
लूटते है देश को
करके हजारों घोटाले
जनता रहती है भूखे-नंगे
वे आराम फरमाते हैं
आज भी अनपढ़ हैं लोग
आज भी गरीबी है
फिर ये कैसी आजादी है

भूल गये हैं शायद हम
उन बलिदानो को
भूल गये है शायद हम
उन वीर महानो को
लहु बहा दी जिसने
देश आजाद कराने को
आज भी शहीद हो रहे सैनिक
अपना देश बचाने को
बढ़ गया है आतंकवाद
नहीं रही इंशानियत है
जाति-धर्म पर लड़ रहे सब
फिर ये कैसी आजादी है |
पियुष राज ,दुधानी , दुमका |

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